रविवार, 22 मार्च 2015

लघु कथा :शान्ति भंग

" उस मकान वाले को इस मुहल्ले से निकालो। एक मछली सारे तालाब को गन्दा कर रही है ।  मकान में अवैध धन्धा चलवा रहा है’----बूढ़े व्यक्ति ने चिल्ला चिल्ला कर कहा
किसी ने अपनी खिड़कियाँ नहीं खोली
 थाने में रिपोर्ट लिखाने गया-रिपोर्ट नहीं लिखी गई
कुछ दिनो बाद.....
उसे गिरफ़्तार कर लिया गया -शान्ति-भंग के जुर्म में
कि वह बूढ़ा आदमी मुहल्ले का शान्ति भंग कर रहा था
-------

-आनन्द.पाठक
09413395592

1 टिप्पणी:

Jitendra tayal ने कहा…

बहुत सुन्दर सृजन, बधाई
मेरे ब्लाग पर भी आप जैसे गुणीजनो का मार्गदर्शन प्रार्थनीय है